Meaning of

शोख़-ए-गुल-रुख़्सार

shokh-e-gul-rukhsaar • شوخ گل رخسار

गुलाब जैसे चेहरे का आकर्षण; सुंदरता की मोहकता

charm of a rose-like face; allure of beauty

گلاب جیسے چہرے کا دلکشی; خوبصورتی کی کشش

Persian

यह वाक्यांश एक चेहरे की छवि को गुलाब की तरह मोहक बनाता है, जो प्रकृति की नाजुक सुंदरता को मानवीय आकर्षण के साथ मिलाता है। कविता में, यह एक मोहक उपस्थिति का सुझाव देता है जो देखने वाले को मंत्रमुग्ध कर देती है, जैसे खिलते गुलाब की मोहकता।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय के चेहरे का वर्णन करने के लिए करते हैं, इसके अप्रतिरोध्य आकर्षण को उजागर करते हैं। यह कठोर छवियों के विपरीत, प्रिय की कोमलता और मोहकता को उजागर करता है। यह एक क्षणिक सुंदरता का भी सुझाव दे सकता है, जैसे गुलाब की अल्पकालिक खिलावट।

कविता में, यह वाक्यांश प्रिय की क्षणिक सुंदरता को पकड़ता है, जैसे एक गुलाब जो खिलता है और मुरझा जाता है। यह कोमल सुंदरता के स्थायी आकर्षण का प्रमाण है।