Meaning of

शोर-ए-आवाज़-ए-ख़िज़ाँ

shor-e-aawaaz-e-khizaan • شور آواز خزاں

पतझड़ की आवाज़ का शोर

noise of autumn's voice

خزاں کی آواز کا شور

Persian

यह वाक्यांश पतझड़ की उदास और चिंतनशील प्रकृति को जगाता है, जो संक्रमण और क्षय का समय है। कविता में, यह अक्सर समय के बीतने, हानि और अंत में पाई जाने वाली सुंदरता का प्रतीक होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग पतझड़ की गंभीर सुंदरता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह वसंत की जीवंतता के विपरीत होता है, चिंतन और परिवर्तन की अनिवार्यता को उजागर करता है।

'शोर-ए-आवाज़-ए-ख़िज़ाँ' अपनी गूंज में समय के कोमल क्षय की फुसफुसाहट करता है।