Meaning of

शोर-ए-क़यामत

shor-e-qayaamat • شور قیامت

प्रलय का शोर; अंत समय का हाहाकार

uproar of the apocalypse; chaos of the end times

قیامت کا شور; آخری وقت کا ہنگامہ

Arabic

यह वाक्यांश प्रलय के साथ जुड़े उथल-पुथल और विनाशकारी शोर को दर्शाता है। कविता में, यह तीव्र भावनात्मक या अस्तित्वगत उथल-पुथल को व्यक्त करता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग महान भावनात्मक उथल-पुथल या सामाजिक पतन के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह व्यक्तिगत आंतरिक अराजकता का भी प्रतीक हो सकता है, जो शांति के क्षणों के विपरीत है।

अपने सार में, 'शोर-ए-क़यामत' अराजकता के अंतिम चरमोत्कर्ष को पकड़ता है, जो व्यवस्था और अव्यवस्था के बीच नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।