Meaning of

शो'ला

shola • شعلہ

ज्वाला; आग; जुनून

flame; blaze; passion

شعلہ; آگ; جذبہ

Arabic

जल्वा-ए-नूर है ये दोनो आँखें उस की उस को जलता सा शो'ला जो बना रखा है — ALI ZUHRI
मैं इक चिंगारी हूँ तू मुझ को इतना भी न छेड़ा कर जो शो'ला बन गया गर तो ज़माना राख कर दूँगा — Harsh saxena
हम को भी तो गाँव की शाम बुलाती है लेकिन रोज़ी की बेड़ी कैसे खोले — Meem Alif Shaz
उस ने अच्छा ही किया हाल न पूछा दिल का भड़क उठता तो ये शो'ला न दबाया जाता — Altaf Hussain Hali
बस इन्हीं दोनों के क़िस्से आजकल हैं शहर में इक मिरी प्यासी नज़र और इक तिरा शो'ला बदन — Dharmesh bashar
जब ये शोला-दरून फटता है ज़ीस्त फिर क्यूँ शरर नहीं होती — Umrez Ali Haider
न डालो पाँव में बेड़ी, इसे तुम आगे बढ़ने दो यही लड़की तुम्हें पहचान दुनिया में दिलाएगी — Mohit Subran

'शो'ला' शब्द एक ज्वाला की जीवंत छवि को सामने लाता है, जो जीवन और ऊर्जा से भरपूर होती है। कविता में यह अक्सर तीव्र जुनून या इच्छा का प्रतीक होता है, कुछ ऐसा जो उज्ज्वल रूप से जलता है और अपने रास्ते में सब कुछ भस्म कर देता है। ज्वाला ज्ञान या अंधकार में मार्गदर्शक प्रकाश का भी प्रतिनिधित्व कर सकती है।

कवि अक्सर 'शो'ला' का उपयोग प्रेम की तीव्रता या आत्मा के भीतर जलती हुई महत्वाकांक्षा को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह इच्छा की भस्म करने वाली प्रकृति या प्रेरणा की परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शा सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'शो'ला' जुनून का एक प्रकाशस्तंभ है, जो मानवीय भावनाओं की गहराई को उजागर करता है।