Meaning of

शो'लों

sholoon • شعلوں

लपटें; चिंगारियाँ

flames; sparks

شعلے; چنگاریاں

Persian

चला हूँ अब जो मैं बे-फ़िक्र ज़माने से
देख शबनम भी शोलों से दहक जाते हैं

ख़ुशियाँ इतनी बांटी थी बहार ए गुलजार में
कि मौसम ए खिज़ा में भी फूल महक जाते हैं

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उन के रुख़्सार पे ढलके हुए आँसू तौबा
मैं ने शबनम को भी शोलों पे मचलते देखा

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ये दिसंबर की फ़िज़ाएँ अक्सर
दिल के शोलों को हवा देती हैं

जाने जाँ आज भी ठंडी रातें
अपने माज़ी का पता देती हैं

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बड़े गुस्ताख़ निकले तुम मेरी उम्मीद से ज़्यादा
मेरी ही दी मशालों से मेरा ही घर जलाते हो

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मैं भी जलने लगता हूँ शोलों के जैसे
कहीं जब निकलता धुआँ देखता हूँ

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चला हूँ अब जो मैं बे-फ़िक्र ज़माने से
देख शबनम भी शोलों से दहक जाते हैं

ख़ुशियाँ इतनी बांटी थी बहार ए गुलजार में
कि मौसम ए खिज़ा में भी फूल महक जाते हैं

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उन के रुख़्सार पे ढलके हुए आँसू तौबा
मैं ने शबनम को भी शोलों पे मचलते देखा

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'शो'लों' शब्द जीवंत, नृत्य करती लपटों की छवि प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर जुनून, विनाश, या भावनाओं की तीव्रता का प्रतीक होता है। लपटों की दृश्यता गर्मजोशी और खतरे दोनों का संकेत दे सकती है, एक द्वैत जिसे कवि गहराई से खोजते हैं।

कवि 'शो'लों' का उपयोग प्रेम या क्रोध की अग्निमय प्रकृति को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह इच्छा की भस्म करने वाली प्रकृति या क्रोध की विनाशकारी शक्ति को दर्शा सकता है। यह शब्द अक्सर शांत छवियों के साथ विपरीत होता है, भावनात्मक उथल-पुथल को उजागर करता है।

लपटों के नृत्य में, कवि मानव आत्मा की अग्निमय गहराइयों का प्रतिबिंब पाते हैं।