Meaning of

शो'लों

sholoon • شعلوں

लपटें; चिंगारियाँ

flames; sparks

شعلے; چنگاریاں

Persian

उन के रुख़्सार पे ढलके हुए आँसू तौबा मैं ने शबनम को भी शोलों पे मचलते देखा — Sahir Ludhianvi
बड़े गुस्ताख़ निकले तुम मेरी उम्मीद से ज़्यादा मेरी ही दी मशालों से मेरा ही घर जलाते हो — Nityanand Vajpayee
मैं भी जलने लगता हूँ शोलों के जैसे कहीं जब निकलता धुआँ देखता हूँ — Umrez Ali Haider

'शो'लों' शब्द जीवंत, नृत्य करती लपटों की छवि प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर जुनून, विनाश, या भावनाओं की तीव्रता का प्रतीक होता है। लपटों की दृश्यता गर्मजोशी और खतरे दोनों का संकेत दे सकती है, एक द्वैत जिसे कवि गहराई से खोजते हैं।

कवि 'शो'लों' का उपयोग प्रेम या क्रोध की अग्निमय प्रकृति को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह इच्छा की भस्म करने वाली प्रकृति या क्रोध की विनाशकारी शक्ति को दर्शा सकता है। यह शब्द अक्सर शांत छवियों के साथ विपरीत होता है, भावनात्मक उथल-पुथल को उजागर करता है।

लपटों के नृत्य में, कवि मानव आत्मा की अग्निमय गहराइयों का प्रतिबिंब पाते हैं।