Meaning of

शौक़-ए-दीदार

shauq-e-deedaar. • شوق دیدار

दर्शन की इच्छा; झलक पाने की लालसा

desire for sight; longing for a glimpse

دیدار کی خواہش; جھلک کی تمنا

Persian

यह वाक्यांश किसी प्रिय व्यक्ति या वस्तु को देखने की गहरी लालसा को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर एक गहन भावनात्मक संबंध का प्रतीक होता है, जहाँ देखने का कार्य शारीरिक से परे जाकर आत्मा को छूता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रेमियों की दूरी से उत्पन्न लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक आध्यात्मिक खोज को भी दर्शा सकता है, जहाँ साधक दिव्य दर्शन की लालसा करता है।

अपने सार में, 'शौक़-ए-दीदार' दृष्टि के माध्यम से जुड़ने की कालातीत मानवीय इच्छा को पकड़ता है, देखे और अनदेखे के बीच की खाई को पाटता है।