Meaning of

शौक़-ए-नज़र

shauq-e-nazar • شوق نظر

दृष्टि की चाह; देखने की लालसा

desire for vision; longing for sight

نظر کی خواہش; دیکھنے کی آرزو

Arabic

ऐ शौक़-ए-नज़ारा क्या कहिए नज़रों में कोई सूरत ही नहीं ऐ ज़ौक़-ए-तसव्वुर क्या कीजे हम सूरत-ए-जानाँ भूल गए — Asrar Ul Haq Majaz

यह वाक्यांश साधारण से परे देखने की लालसा को जगाता है, छुपी हुई सुंदरता और सत्य को देखने की आकांक्षा। कविता में, यह लालसा अक्सर अस्तित्व की गहरी परतों को समझने की खोज में बदल जाती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अंतर्दृष्टि या रहस्योद्घाटन की गहरी लालसा व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आध्यात्मिक या भावनात्मक जागृति का प्रतीक हो सकता है। अक्सर अंधापन या अज्ञानता के विपरीत।

कविता में, शौक़-ए-नज़र आत्मा की सत्य की अनंत खोज का रूपक बन जाता है।