Meaning of

शौक़-ए-सुख़न

shauq-e-sukhan • شوق سخن

कविता के प्रति जुनून; काव्य उत्साह

passion for poetry; poetic enthusiasm

شاعری کا شوق; شعری جوش

Persian

ये शौक सुख़न से अब तो काम नहीं होगा मेरी शा'इरी तुम पर अफसोस किया जाए — Sagar Sahab Badayuni

शौक़-ए-सुख़न कविता के प्रति गहरी चाहत और प्रेम को दर्शाता है। यह उस आंतरिक आग की बात करता है जो कवियों को अपनी भावनाओं और विचारों को कविता के माध्यम से व्यक्त करने के लिए प्रेरित करती है, सुंदरता और सत्य की निरंतर खोज।

कवि अक्सर 'शौक़-ए-सुख़न' का उपयोग अपनी कला के प्रति अटूट जुनून को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उनकी कविता के प्रति प्रतिबद्धता की तीव्रता को व्यक्त करता है, जो अक्सर इसके अनुसरण में किए गए संघर्षों और बलिदानों के साथ जुड़ा होता है।

शौक़-ए-सुख़न एक कवि की आत्मा की धड़कन है, कविता के स्थायी आकर्षण का प्रमाण है। यह वह लौ है जो काव्य आत्मा को जीवित रखती है।