Meaning of

श'ऊर

sh'aour • شعور

चेतना; जागरूकता; बुद्धि

consciousness; awareness; intellect

شعور; آگاہی; عقل

Arabic

रह-ए-तलब में किसे आरज़ू-ए-मंज़िल है शुऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है — Ghulam Rabbani Taban
मदहोश है कोई तो कोई बे शुऊर है हर दिल पे सुब्हो शाम ये कैसा सुरूर है — Ajeetendra Aazi Tamaam
हम को सिखा रहे हैं मोहब्बत का वो शऊर जिन को कि इश्क़ पढ़ना सिखाया था किसी रोज़ — Shashank Tripathi
ऐन ग़ैन नून है सुकून है हसरतों का ख़ून है सुकून है — Shadab Shabbiri
बे-शऊरी की सनद है, तेरा चुभता लहजा मैं तो शाइ'र हूँ, गुलाबों में सफ़र करता हूँ — Wajid Husain Sahil
न बोलने का सलीक़ा न देखने का श'ऊर पसंद ख़ाक करेगा कोई भी तुम को हुज़ूर — Aqib khan
ये तहज़ीब भी देखी है हम ने तुम ने नाम अनिल है लेकिन उर्दू लिखता है — Meem Alif Shaz
ऐ परिंदों आनकर बैठो सर-ए-शाख़-ए-अज़ा हम दरख़्तों को शऊर-ए-मर्सिया ख़्वानी भी है — Amaan Haider

श'ऊर का मूल अर्थ चेतना की एक गहरी अवस्था है, जो केवल देखने से परे है। कविता में इस शब्द का उपयोग मानव बुद्धि की गहराइयों और हमारी अस्तित्व की सूक्ष्म परतों को उजागर करने के लिए किया गया है।

कवि अक्सर श'ऊर का उपयोग मानव विचार की जटिलताओं में उतरने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो दृश्य और अदृश्य, ठोस और अमूर्त के बीच पुल बनाता है। यह अज्ञानता के विपरीत है और समझ की सुंदरता को उजागर करता है।

श'ऊर हमें अपनी चेतना की गहराइयों को खोजने के लिए आमंत्रित करता है। यह जागरूकता के हृदय में एक यात्रा है।