Meaning of

सजनी

sajni • سجنی

प्रिय; प्रेमिका

beloved; dear one

محبوبہ; پیاری

Sanskrit

सजनी की आँखों में छुप कर जब झाँका बिन होली खेले ही साजन भीग गया — Musavvir Sabzwari
इस संगम से जितनी दूर,सजनी तोरी छाया है उतनी दूरी तय करनी है, बाक़ी सब तो माया है — Musafir
तुम्हारा रंग इतना साफ़ है सजनी कि उजला रंग भी रंगीन लगता है — Saarthi Baidyanath
मैं तुम्हें याद करूँँ या न करूँँ सजनी जी कश्मकश में ही मिरी रात गुज़र जाती है — Akash Rajpoot
नदी मिरे भोले साजन के गालों को छू कर बतलाना दूर किनारे खड़ी तुम्हारी सजनी बोसा भेज रही है — Shiva awasthi

'सजनी' शब्द गहरे स्नेह और लालसा की भावना को जागृत करता है। यह एक प्रिय के लिए कोमल भावनाओं को व्यक्त करने के लिए एक स्नेहपूर्ण शब्द है। कविता में, यह प्रेम की कोमल और कभी-कभी उदास प्रकृति का सार पकड़ता है।

कवि 'सजनी' का उपयोग प्रेम की मिठास और दुख को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो लालसा की सुंदरता और जुदाई के दर्द का अन्वेषण करते हैं।

कविता की दुनिया में, 'सजनी' प्रेम के कोमल आलिंगन और इसके अनिवार्य हृदयविदारक का एक शाश्वत प्रतीक है।