Meaning of

सद-रश्क-ए-अंजुमन

sad-rashk-e-anjuman • سد رشک انجمن

सभा की ईर्ष्या; प्रशंसा का केंद्र

envy of the gathering; center of admiration

محفل کی حسد; تعریف کا مرکز

Persian

यह वाक्यांश किसी व्यक्ति या वस्तु का सुझाव देता है जो इतना अलग है कि वह प्रशंसा और ईर्ष्या का केंद्र बन जाता है। इसमें पूजनीय और निंदनीय दोनों होने का भाव है।

कवि इसे उस व्यक्ति का वर्णन करने के लिए उपयोग करते हैं जो भीड़ को मोहित करता है। यह अक्सर प्रसिद्धि की द्वैत प्रकृति को उजागर करता है।

यह इस बात पर चिंतन है कि प्रशंसा कैसे एक आशीर्वाद और बोझ दोनों हो सकती है।