Meaning of

सब्र

sabr • صبر

धैर्य; सहनशीलता; दृढ़ता

patience; endurance; perseverance

صبر; برداشت; استقامت

Arabic

मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है — Ahmad Faraz
मेरे होंठों के सब्र से पूछो उस के हाथों से गाल तक का सफ़र — Mehshar Afridi
कहीं ये सब्र खा जाए न हम को किसी के दुख समेटे फिर रहे हैं — Rohit Gustakh
वहशत के कारखाने से ताज़ा ग़ज़ल निकाल ऐ सब्र के दरख़्त मेरा मीठा फल निकाल — Ammar Iqbal
भूख है तो सब्र कर, रोटी नहीं तो क्या हुआ आजकल दिल्ली में है ज़ेर-ए-बहस ये मुद्दआ' — Dushyant Kumar
वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता — Parveen Shakir
उस गली ने ये सुन के सब्र किया जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं — Jaun Elia
हम अगर सब्र में रहते हैं तो क्या कुछ भी नहीं जाने वालो कभी आ देखो बचा कुछ भी नहीं — Unknown
इश्क़ में जी को सब्र ओ ताब कहाँ उस से आँखें लड़ीं तो ख़्वाब कहाँ — Meer Taqi Meer
ख़ुद-कुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है इस लिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है — Ibrat Siddiqui

अपने मूल में, 'सब्र' वह शांत शक्ति है जो किसी को गरिमा के साथ कठिनाइयों को सहन करने की अनुमति देती है। कविता में, यह मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण बन जाता है, जहाँ धैर्य निष्क्रिय नहीं बल्कि इच्छा और आशा की सक्रिय शक्ति है।

कवि अक्सर 'सब्र' का आह्वान करते हैं ताकि जीवन की परीक्षाओं को सहन करने में निहित शांत नायकत्व को उजागर किया जा सके। इसका उपयोग भावनाओं के उथल-पुथल के विपरीत आंतरिक शक्ति की शांति को दिखाने के लिए किया जाता है।

कविता के ताने-बाने में, 'सब्र' वह धागा है जो आत्मा में शक्ति बुनता है।