Meaning of

समर

samar • ثمر

फल; परिणाम; नतीजा

fruit; result; outcome

ثمر; نتیجہ; انجام

Arabic

लाख समझाते रहे उस को ज़माने वाले
आदमी कुछ न करे दिल पे असर होने तक

सैफ़ इस बात से अंदाज़ा लगा लो सब कुछ
पूछा जाता है शजर सिर्फ़ समर होने तक

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जब भी उस की गली में भ्रमण होता है
उस के द्वार पर आत्मसमर्पण होता है

किस किस से तुम दोष छुपाओगे अपने
प्रिये अपना मन भी दर्पण होता है

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शजर-ओ-शाख, बर्ग, गुल, समर तो दिल-नशीन है
किसी ने हाल तक न पूछा है बिचारे तुख़्म का

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पुरानी बात पर कब तक नए क़िस्से बिगाड़ोगे
समर न दे सका तो क्या दरख़्तों को जला दोगे

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देखा नहीं बहार ने फिर लौट कर कभी
कितने दरख़्त सूख के बे-जान हो गए

मुद्दत से जिस दरख़्त की मैं ने की देखभाल
उस पर समर भी आए तो अग़्यार ले गए

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बड़े ही प्यार से ये पेड़ सींचे जा रहे हैं जो
समर ले कर सभी को काट देने का इरादा है

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देवता भाग्य का कितना रूठा हुआ
ये समर्पण भी इकदम अनूठा हुआ

तुम ने आँखें तो देखी हैं रोती हुईं
तुम ने देखा नहीं दिल ये टूटा हुआ

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नहीं उस्ताद कोई उन के जैसा
जो समझाए सुख़न के हर भँवर को

ग़ज़ल है मुंतज़िर इस्लाह को इक
मिलो गर तुम तो ये कहना "समर" को

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चराग़ों में उजाला भर रहे हैं
समर हैं सो निवाला भर रहे हैं

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मीरा के सब राग समर्पण
राधा का सब त्याग समर्पण

प्रेम के दुश्मन क्या जाने
प्यार का दूजा नाम समर्पण

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लाख समझाते रहे उस को ज़माने वाले
आदमी कुछ न करे दिल पे असर होने तक

सैफ़ इस बात से अंदाज़ा लगा लो सब कुछ
पूछा जाता है शजर सिर्फ़ समर होने तक

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जब भी उस की गली में भ्रमण होता है
उस के द्वार पर आत्मसमर्पण होता है

किस किस से तुम दोष छुपाओगे अपने
प्रिये अपना मन भी दर्पण होता है

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'समर' का मूल अर्थ फल है, जो विकास और पोषण की परिणति है। कविता में यह व्यक्ति के कार्यों के परिणाम, जीवन के प्रयासों के नतीजे, और भाग्य के मीठे या कड़वे फलों का प्रतीक बन जाता है।

कवि 'समर' का उपयोग कार्यों के परिणामों, जीवन की फसल, और समय के बीतने के अनिवार्य परिणामों पर विचार करने के लिए करते हैं।

'समर' प्रयास और इनाम के चक्र को समेटे हुए है, जीवन की अनिवार्य फसल की एक काव्यात्मक याद दिलाता है।