Meaning of

सय्याद

sayyaad • صیاد

शिकारी; पकड़ने वाला

hunter; captor

شکاری; پکڑنے والا

Arabic

अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं — Firaq Gorakhpuri
ज़ब्त करता हूँ तो घुटता है क़फ़स में मिरा दम आह करता हूँ तो सय्याद ख़फ़ा होता है — Qamar Jalalvi
मेरे गुलशन के बुलबुल को नहीं सय्याद का खटका मगर सहमा सा रहता है चमन के पासबानों से — RIZWAN ALI RIZWAN
मेरे सय्याद को कोई बुला दे मेरे पिंजरे को तोडा जा रहा है — Vishal Bagh
जैसे सय्यादों को सय्यादी से रहती है ग़रज़ काम उस्तादों को वैसे अपनी उस्तादी से है — Zafar Kamali
क्या आलम-ए-मोहब्बत इस नौ-बहार में है सय्याद भी चमन का बुलबुल के प्यार में है — MAHESH CHAUHAN NARNAULI
परिंदों खुल के उड़ना है परिंदों खुल के जीना है परिंदों अब किसी सय्याद के झाँसे में मत आना — Ansar Eatvi

'सय्याद' शब्द पीछा करने और पकड़ने की छवियाँ उत्पन्न करता है। कविता में, यह अक्सर प्रेमी को शिकारी के रूप में प्रतीकित करता है, जो आकर्षण और मोहकता से दिलों को जीतता है। यह स्वतंत्रता और बंधन के बीच तनाव को व्यक्त करता है।

कवि 'सय्याद' का उपयोग प्रेम और बंधन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रिय को शिकारी और शिकार दोनों के रूप में चित्रित कर सकता है, पकड़ने वाले और पकड़े जाने वाले के बीच की रेखाओं को धुंधला कर सकता है।

अपनी द्वैतता में, 'सय्याद' प्रेम की खोज की जटिलता को पकड़ता है। यह हमें इच्छा और अधिकार के बीच की नाजुक नृत्य की याद दिलाता है।