Meaning of

सराब

saraab • سراب

मृगतृष्णा; भ्रांति

mirage; illusion

سراب; فریب

Arabic

तिरी जुस्तुजू में निकले तो अजब सराब देखे कभी शब को दिन कहा है कभी दिन में ख़्वाब देखे — Jameel Malik
झुलसते ख़ाब का सहरा है दिल सराब हैं यहाँ दीवार के साए — Shivam anand
है सराबी आँख या फिर है हक़ीक़त कुछ बुरी सी लग रहा दुनिया कि कमतर हो गई तासीर शायद — Zain Aalamgir
इक सराब-ए-राह में बे-क़रार ही रहा मंज़िलों की चाह में इंतिज़ार ही रहा — Aman Alfaaz
हक़ीक़ी से हैं आश्ना मगर है ए'तिबार भी हमें सराब ने रखा है ज़िंदा, आब ने नहीं — Jagveer Singh
मुझ को भी है प्यास मुहब्बत की लेकिन लडक़ी मुझ को सराब सी लगती है वो — Pankaj murenvi
ये मत पूछो शे'र ग़ज़ल में किस का ज़िक्र है कौन लिखा है अंतर्मन का शोर सराबा मैं ने अपना ये मौन लिखा है — Gaurav Kumar Aarambh
दरमियाँ हो काँटों के उस गुलाब जैसे हो ज़िन्दगी के सहरा में तुम सराब जैसे हो — Alok Kumar 'Tabiib'

'सराब' उन भ्रांतियों की क्षणभंगुर प्रकृति को दर्शाता है जो इंद्रियों को धोखा देती हैं। कविता में, यह अक्सर अप्राप्य इच्छाओं या सपनों का प्रतीक होता है जो क्षितिज पर चमकते हैं, हमेशा पहुँच से बाहर।

कवि 'सराब' का उपयोग लालसा और मोहभंग के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह कुछ मायावी के पीछा करने का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह वास्तविकता के विपरीत होता है, सपनों की नाजुकता को उजागर करता है।

'सराब' भ्रांतियों का नृत्य है, उन सपनों की याद दिलाता है जो हमारी पकड़ से परे चमकते हैं।