Meaning of

साहिब-ए-दिल

saahib-e-dil • صاحب دل

दिल का मालिक; प्रेमपूर्ण हृदय वाला

possessor of the heart; one with a loving heart

دل کا مالک; محبت بھرا دل رکھنے والا

Persian

उम्मीद है ये दिल लगेगा एक दिन
बंजर ज़मीं पे इश्क़ बोता है कोई

ख़ुद-ग़र्ज़ दुनियाँ में बड़ा दुख होता है
जब साहिब-ए-दिल तुझ सेा खोता है कोई

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अगर मेरा नशा था उस के सर पे तो उतर जाए
नहीं है इश्क़ उस को मुझ से तो मुँह पर मुकर जाए

मुहब्बत दिल-लगी सब काम हैं साहब दिलेरों के
मगर जो भी यहाँ बुज़दिल है सीधे अपने घर जाए

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जिस्म की हसरत मिट्टी में मिल जाएगी
प्यार करोगे जिस दिन साहब दिल से तुम

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उम्मीद है ये दिल लगेगा एक दिन
बंजर ज़मीं पे इश्क़ बोता है कोई

ख़ुद-ग़र्ज़ दुनियाँ में बड़ा दुख होता है
जब साहिब-ए-दिल तुझ सेा खोता है कोई

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अगर मेरा नशा था उस के सर पे तो उतर जाए
नहीं है इश्क़ उस को मुझ से तो मुँह पर मुकर जाए

मुहब्बत दिल-लगी सब काम हैं साहब दिलेरों के
मगर जो भी यहाँ बुज़दिल है सीधे अपने घर जाए

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'साहिब-ए-दिल' एक ऐसे व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जिसका हृदय भावनाओं और प्रेम से परिपूर्ण है। कविता में, यह अक्सर एक दयालु और सहानुभूतिपूर्ण व्यक्ति को दर्शाता है, जिसका हृदय भावनाओं का खजाना है। यह शब्द एक प्रकार की महानता और गहराई का भाव देता है, जो न केवल भावनात्मक रूप से बुद्धिमान बल्कि आध्यात्मिक रूप से समृद्ध व्यक्ति को इंगित करता है।

कवियों द्वारा 'साहिब-ए-दिल' का प्रयोग अक्सर प्रिय या किसी बुद्धिमान बुजुर्ग का वर्णन करने के लिए किया जाता है। यह एक रहस्यवादी या संत को भी संदर्भित कर सकता है जिसका हृदय दिव्य प्रेम के लिए खुला है। यह वाक्यांश 'बे-दिल' या हृदयहीन लोगों के विपरीत है, जो भावनात्मक जीवन की समृद्धि को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'साहिब-ए-दिल' भावनात्मक गहराई और आध्यात्मिक समृद्धि का प्रतीक है। यह पाठक को हृदय की विशालता का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करता है।