Meaning of

साहिब-ए-मसनद

sahib-e-masnad • صاحب مسند

सिंहासन का स्वामी; अधिकार में रहने वाला

master of the throne; one in authority

تخت کا مالک; اختیار میں رہنے والا

Persian

साहिब-ए-मसनद रहे हो बात अंदर की बताओ कारनामा ख़ूब अच्छा है किया तो मुस्कुराओ — Manohar Shimpi
साहिब-ए-मसनद ज़रा आवाम की भी फ़िक्र कर लो जान ले लेगी किसी दिन ये तुम्हारी हाकिमिय्यत — Piyush Nishchal
साहिब-ए-मसनद ग़ुलामी चाहते हैं शाह वाले सर झुका के अब चला कर — Rizwan Khoja "Kalp"

'साहिब-ए-मसनद' मूल रूप से एक ऐसे व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो सिंहासन पर बैठा है, अधिकार और शासन का प्रतीक है। कविता में, यह शब्द केवल भौतिक शक्ति नहीं, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक नेतृत्व का भी संकेत देता है।

'साहिब-ए-मसनद' का उपयोग कवि अक्सर शक्ति और जिम्मेदारी के विषयों की खोज में करते हैं। यह नेतृत्व के बोझ या अधिकार के साथ आने वाली एकांतता को दर्शा सकता है। यह शब्द सांसारिक शक्ति की क्षणभंगुरता के विपरीत भी हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'साहिब-ए-मसनद' शक्ति और एकांत के जटिल नृत्य का रूपक बन जाता है।