Meaning of

साज़

saaz • ساز

वाद्य; सामंजस्य

instrument; harmony

ساز; ہم آہنگی

Persian

मैं उस सेे दूर था तो शोर था साजिश है, साजिश है उसे बाहों में खुलकर कस लिया दो पल तो हंगामा — Kumar Vishwas
बे-सबब मुस्कुरा रहा है चाँद कोई साज़िश छुपा रहा है चाँद — Gulzar
चारासाज़ो मिरा इलाज करो आज कुछ दर्द में कमी सी है — Azhar Nawaz
सजनी की आँखों में छुप कर जब झाँका बिन होली खेले ही साजन भीग गया — Musavvir Sabzwari
कब लौटा है बहता पानी बिछड़ा साजन रूठा दोस्त हम ने उस को अपना जाना जब तक हाथ में दामाँ था — Ibn E Insha
रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे हर साज़िश के पीछे अपने निकलेंगे — Shakeel Jamali
कौन सी दीवार है मौजूद इस रिश्ते में 'साज़' क्यूँँ नहीं रो सकते हम अपने पिता के सामने — Siddharth Saaz
ज़िक्र तबस्सुम का आते ही लगते हैं इतराने लोग और ज़रा सी ठेस लगी तो जा पहुँचे मयख़ाने लोग — Ateeq Allahabadi
वो जब भी सोलह-साज कर आँचल उड़ा के वो चले फिर सारे ही संसार को हम ने सँवरते देखा है — Divya 'Kumar Sahab'
मैं आप अपनी मौत की तय्यारियों में हूँ मेरे ख़िलाफ़ आप की साज़िश फ़ुज़ूल है — Shahid Zaki

साज़, अपने शाब्दिक अर्थ में, एक वाद्य यंत्र को संदर्भित करता है, लेकिन कविता में, यह सामंजस्य और आत्मा के संगीत के विचार तक विस्तारित होता है। यह भीतर गूंजने वाली धुनों की छवियों को उभारता है, जो भावनाओं का एक सिम्फनी बनाता है। यह शब्द आंतरिक संतुलन का सार और हृदय की लय के अनुसार जीवन को संवारने की कला को पकड़ता है।

कवि साज़ का उपयोग सामंजस्य और आंतरिक शांति के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह किसी के जीवन को ब्रह्मांड के साथ संरेखित करने का प्रतीक हो सकता है। यह असहमति के विपरीत, एकता और सामंजस्य की सुंदरता को उजागर करता है।

साज़ हृदय की इच्छाओं की धुन है। यह हमें भीतर छिपे सामंजस्य की याद दिलाता है।