Meaning of

सिफ़र

sifar • صفر

शून्य; कुछ नहीं; शून्यता

zero; nothingness; void

صفر; کچھ نہیں; خلا

Arabic

है मिरी ज़िन्दगी में सिफर का बड़ा फ़ाइदा कोई आए या जाए मैं तो उतना ही रहता हूँ — Abdulla Asif
उन्हें खो कर ये माना हम सिफ़र हैं मुयस्सर पर उन्हें भी हम कहाँ हैं — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
अब सिफ़्र-ए-संग-ए-मील है हद्द-ए-निगाह में आने को है जो साल नया अगले माह में — Javed Aslam

मूल रूप में 'सिफ़र' शून्य की अवधारणा को दर्शाता है, एक ऐसी स्थिति जहाँ कुछ नहीं होता। कविता में यह विशाल खालीपन और मौन शून्यता को दर्शाता है, जो एक आरंभ और अंत दोनों हो सकता है।

कवि अक्सर 'सिफ़र' का उपयोग तुच्छता या अस्तित्व के शून्य को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह भीतर की खालीपन या ब्रह्मांड की विशालता का प्रतीक हो सकता है।

'सिफ़र' सीमित में अनंत के चिंतन को आमंत्रित करता है।