Meaning of

सुख़न-ए-'मीर

sukhan-e-meer • سخن میر

मीर के शब्द; मीर की कविता

words of Mir; poetry of Mir

میر کے الفاظ; میر کی شاعری

Persian

उर्दू ज़बाँ से चाहतों का ये असर हुआ 'जस्सर' सुख़न मेरा हलावतों से तर हुआ — Avtar Singh Jasser

यह वाक्यांश मीर की काव्यात्मक प्रतिभा का सार पकड़ता है, जो अपनी गहराई और भावनात्मक समृद्धि के लिए जाना जाता है। यह एक शैली को दर्शाता है जो व्यक्तिगत और सार्वभौमिक दोनों है।

मीर की कविता की शाश्वत सुंदरता और भावनात्मक गहराई को जगाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह अक्सर अतीत की लालसा और काव्य परंपरा से जुड़ाव का सुझाव देता है।

सुख़न-ए-मीर अतीत का एक पुल है, जो पाठकों को शास्त्रीय कविता की गहरी दुनिया में डूबने के लिए आमंत्रित करता है।