Meaning of

सुख़न-वरी

sukhan-vari • سخن وری

वाक्पटुता; भाषण कला

eloquence; art of speech

فصاحت; فن تقریر

Persian

बस ख़ुद-कुशी से बचने का जरिया है शा'इरी हम को सुख़न-वरी से तो शोहरत तलब नहीं — Sabir Hussain

'सुख़न-वरी' का मूल अर्थ भाषण में निपुणता और सौंदर्य से है। कविता ने इस शब्द को अपनाकर न केवल भाषा में तकनीकी कौशल बल्कि भावनाओं और विचारों को शब्दों के ताने-बाने में बुनने की क्षमता को भी दर्शाया है।

कवि अक्सर 'सुख़न-वरी' का उपयोग शब्दों की सुंदरता और शक्ति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह भाषाई कला का उत्सव है। यह शब्द साधारण भाषण के विपरीत है, बोले गए शब्द को एक कला रूप में ऊँचा उठाता है।

'सुख़न-वरी' अभिव्यक्ति की सुंदरता को श्रद्धांजलि है। यह हमें वाक्पटुता की परिवर्तनकारी शक्ति की याद दिलाता है।