Meaning of

सुपुर्द-ए-खाक़

supurd-e-khaaq • سپرد خاک

मिट्टी के सुपुर्द; दफ़न

entrusted to the earth; burial

مٹی کے سپرد; دفن

Persian

सुपुर्द-ए-खाक़ कर के इस जुनून-ए-शायरी को अब ये सोचा है मुहब्बत से किनारा कर लिया जाए — Sagheer Lucky
आतिश-ए-इश्क़ में जले दिल को आओ मिल कर सुपुर्द-ए-ख़ाक करें — Shajar Abbas

यह वाक्यांश धरती को सौंपे जाने की गंभीरता और अंतिमता को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर यात्रा के अंत, मूल की ओर लौटने, या विश्राम में मिलने वाली शांति का प्रतीक होता है।

कवि इसे मृत्यु और जीवन के चक्रीय स्वभाव के विषयों को व्यक्त करने के लिए उपयोग करते हैं। यह भाग्य के समर्पण या स्वीकृति की भावना को भी दर्शा सकता है।

अपनी शांति में, 'सुपुर्द-ए-खाक़' जीवन की अनिवार्य धरती में वापसी की बात करता है।