Meaning of

सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी

suraagh-e-zindagi • سراغ زندگی

जीवन का सुराग; अस्तित्व का संकेत

trace of life; clue to existence

زندگی کا سراغ; وجود کا اشارہ

Persian

अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन — Allama Iqbal

मूल रूप से, यह जीवन के संकेत या संकेत को संदर्भित करता है। कविता में, यह अर्थ की खोज, अस्तित्व और उद्देश्य की पुष्टि करने वाले संकेतों की खोज को उत्पन्न करता है।

जीवन में गहरे सत्य की खोज को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। अक्सर आत्म-खोज और अस्तित्वीय चिंतन की यात्रा से जुड़ा होता है।

एक शब्द जो जीवन की अनंत खोज के सार को पकड़ता है।