Meaning of

सुलगती

sulagti • سلگتی

सुलगती; धीरे-धीरे जलती

smoldering; burning slowly

سلگتی; آہستہ آہستہ جلتی

Hindi

कि कटती है सफ़र-ए-ज़ीस्त कैसे यार बग़ैर
सुलगती रेत पे देखो बरहना-पा चल कर

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अब सुलगती है हथेली तो ख़याल आता है
वो बदन सिर्फ़ निहारा भी तो जा सकता था

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दिलों की बातें दिलों के अंदर ज़रा सी ज़िद से दबी हुई हैं
वो सुनना चाहें, ज़बाँ से सब कुछ मैं करना चाहूँ नज़र से बतियां

ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है
सुलगती सांसें, तरसती आँखें, मचलती रूहें, धड़कती छतियां

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सुलगती रहती है यादें तेरी
दिया बुझते ही जल उठता हूँ मैं

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हुस्न की दस्तरस में थे हम भी कभी
हुस्न ढलता गया हम निकलते गए

मोम जैसे थे हम, आग जैसी थी वो
वो सुलगती गई हम पिघलते गए

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उन आँखों में ही उम्मीदों के बादल मुस्कुराते हैं
सुलगती धूप से पैरों में जिन के छाले आते हैं

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मोहब्बत की ये जलती आग बुझने मत दिया करना
ये गर इक बार बुझ जाए सुलगती ही नहीं है फिर

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दुआ अम्मी की है मेरी ये ग़ुर्बत भूल जाओगे
ख़ुदा इतना नवाज़ेगा मुसीबत भूल जाओगे

तड़पता दिल सुलगती जाँ जिगर ज़ख़्मी उगलता ख़ूँ
अगर जो देख लोगे तुम मोहब्बत भूल जाओगे

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कि कटती है सफ़र-ए-ज़ीस्त कैसे यार बग़ैर
सुलगती रेत पे देखो बरहना-पा चल कर

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अब सुलगती है हथेली तो ख़याल आता है
वो बदन सिर्फ़ निहारा भी तो जा सकता था

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‘सुलगती’ शब्द एक ऐसी आग की छवि प्रस्तुत करता है जो तीव्र नहीं है, परंतु निरंतर जलती रहती है। कविता में, यह अक्सर उन भावनाओं का प्रतीक होता है जो सतह के नीचे सुलगती रहती हैं, जैसे कि तड़प या अनसुलझा क्रोध।

कवि अक्सर ‘सुलगती’ का उपयोग भावनाओं की शांत तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसे प्रेम का संकेत दे सकता है जो बाधाओं के बावजूद बना रहता है, या एक ऐसे दर्द का जो बिना समाधान के बना रहता है।

अपनी शांत निरंतरता में, ‘सुलगती’ उन भावनाओं का सार पकड़ती है जो मिटने से इंकार करती हैं।