Meaning of

सुलगती

sulagti • سلگتی

सुलगती; धीरे-धीरे जलती

smoldering; burning slowly

سلگتی; آہستہ آہستہ جلتی

Hindi

अब सुलगती है हथेली तो ख़याल आता है वो बदन सिर्फ़ निहारा भी तो जा सकता था — Ameer Imam
सुलगती रहती है यादें तेरी दिया बुझते ही जल उठता हूँ मैं — Tushar Jain
उन आँखों में ही उम्मीदों के बादल मुस्कुराते हैं सुलगती धूप से पैरों में जिन के छाले आते हैं — Raj Tiwari
मोहब्बत की ये जलती आग बुझने मत दिया करना ये गर इक बार बुझ जाए सुलगती ही नहीं है फिर — arjun chamoli
कि कटती है सफ़र-ए-ज़ीस्त कैसे यार बग़ैर सुलगती रेत पे देखो बरहना-पा चल कर — Dharmesh Solanki

‘सुलगती’ शब्द एक ऐसी आग की छवि प्रस्तुत करता है जो तीव्र नहीं है, परंतु निरंतर जलती रहती है। कविता में, यह अक्सर उन भावनाओं का प्रतीक होता है जो सतह के नीचे सुलगती रहती हैं, जैसे कि तड़प या अनसुलझा क्रोध।

कवि अक्सर ‘सुलगती’ का उपयोग भावनाओं की शांत तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसे प्रेम का संकेत दे सकता है जो बाधाओं के बावजूद बना रहता है, या एक ऐसे दर्द का जो बिना समाधान के बना रहता है।

अपनी शांत निरंतरता में, ‘सुलगती’ उन भावनाओं का सार पकड़ती है जो मिटने से इंकार करती हैं।