Meaning of
सोज़िश-ए-ग़म-ए-हिज्राँ
sozish-e-gham-e-hijraan • سوزش غم ہجراں
Hindi
विरह के दुःख की जलन; तड़प का दर्द
English
burning of separation's sorrow; pain of longing
Urdu
ہجر کے غم کی سوزش; تڑپ کا درد
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश प्रिय से अलगाव से जुड़ी तीव्र भावनात्मक पीड़ा को पकड़ता है। कविता में, इसका उपयोग अक्सर तड़प की गहरी, जलती हुई पीड़ा और ऐसे दुःख की भस्मकारी प्रकृति को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
Poetic Usage
कवि 'सोज़िश-ए-ग़म-ए-हिज्राँ' का उपयोग अधूरी इच्छाओं की गहराई और अलगाव की निरंतर यातना में उतरने के लिए करते हैं। यह अक्सर हानि और लालसा के सार्वभौमिक मानव अनुभव के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।
Closing Insight
कविता में, 'सोज़िश-ए-ग़म-ए-हिज्राँ' आत्मा की गहरी विलापों के लिए एक माध्यम बन जाता है, प्रेम और हानि के कालातीत नृत्य को प्रतिध्वनित करता है।