Meaning of

हम्द

hamd • حمد

प्रशंसा; स्तुति; गुणगान

praise; hymn; eulogy

تعریف; حمد; قصیدہ

Arabic

मैं आ कर दुश्मनों में बस गया हूँ यहाँ हमदर्द हैं दो-चार मेरे — Rahat Indori
लो फिर तिरे लबों पे उसी बे-वफ़ा का ज़िक्र अहमद-'फ़राज़' तुझ से कहा ना बहुत हुआ — Ahmad Faraz
रहबर भी ये हमदम भी ये ग़म-ख़्वार हमारे उस्ताद ये क़ौमों के हैं में'मार हमारे — Unknown
तुम सेे मिलने के बा'द ऐ हमदम ख़ुद से बेज़ार हो गया हूँ मैं — Gulshan
इश्क़ हो जाए किसी से कोई चारा तो नहीं सिर्फ़ मुस्लिम का मोहम्मद पे इजारा तो नहीं — Kunwar Mohinder Singh Bedi Sahar
मैं था सदियों के सफ़र में 'अहमद' और सदियों का सफ़र था मुझ में — Ahmad Khayal
ये आरज़ू भी बड़ी चीज़ है मगर हमदम विसाल-ए-यार फ़क़त आरज़ू की बात नहीं — Faiz Ahmad Faiz
अब ज़मीं पर कोई गौतम न मोहम्मद न मसीह आसमानों से नए लोग उतारे जाएँ — Ahmad Faraz

'हम्द' का मूल अर्थ प्रशंसा करना है, विशेषकर ईश्वर या किसी उच्च शक्ति की। कविता में इस शब्द ने गहरी श्रद्धा और प्रशंसा को व्यक्त करने के लिए एक व्यापक अर्थ प्राप्त किया है, जो ईश्वर से परे संसार की सुंदरता और गुणों को भी समेटता है।

कवि अक्सर 'हम्द' का उपयोग आध्यात्मिक भक्ति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे प्रकृति की सुंदरता या प्रिय के गुणों की प्रशंसा के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। यह शब्द गंभीरता और गरिमा का भाव लिए होता है।

'हम्द' एक शाश्वत श्रद्धा को समेटे हुए है, जो दिव्य और सांसारिक के बीच सेतु का काम करता है। यह प्रशंसा की शक्ति का प्रमाण है।