Meaning of

हसरत-ए-दीद

hasrat-e-deed • حسرت دید

देखने की इच्छा; दर्शन की लालसा

desire to see; longing for a sight

دیکھنے کی خواہش; دید کی حسرت

Persian

कुछ नज़र आता नहीं उस के तसव्वुर के सिवा हसरत-ए-दीदार ने आँखों को अंधा कर दिया — Haidar Ali Aatish
नुसरत-ए-हक़ देखना आशूर तक ले जाएगी हसरत-ए-दीदार कोह-ए-तूर तक ले जाएगी — ''Akbar Rizvi"
क्या ही हुआ जो हसरत-ए-दीदार में मरी कुछ दिन तो मुन्तज़िर थी दर-ए-यार पर निगाह — shampa andaliib

यह वाक्यांश किसी प्रिय वस्तु या व्यक्ति को देखने की लालसा को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर लालसा की मिठास और प्रतीक्षा में छिपी सुंदरता को व्यक्त करता है।

कवि 'हसरत-ए-दीद' का उपयोग अधूरी इच्छाओं और समय के प्रवाह के विषयों की खोज के लिए करते हैं। इसे अक्सर दूरी और अलगाव की छवियों के साथ जोड़ा जाता है।

कविता में, 'हसरत-ए-दीद' इच्छा और दूरी के बीच की नाजुक नृत्य को पकड़ता है।