Meaning of

हस्र

hasr • حشر

पुनरुत्थान; उथल-पुथल

resurrection; upheaval

قیامت; ہلچل

Arabic

पेड़ मुझे हसरत से देखा करते थे मैं जंगल में पानी लाया करता था — Tehzeeb Hafi
क़त्ल से पहले वो हर शख़्स के दिल की हसरत पूछ लेता था मगर पूरी नहीं करता था — Vishnu virat
कुछ नज़र आता नहीं उस के तसव्वुर के सिवा हसरत-ए-दीदार ने आँखों को अंधा कर दिया — Haidar Ali Aatish
आज फिर दिल में तिरे दीद की हसरत जागी काश फिर काम कोई तुझ से ज़रूरी निकले — Nilofar Noor
वही होगा दुबारा हश्र मेरा वही आँखें दुबारा सामने हैं — Atul K Rai
उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ ढूँडने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ — Ameer Minai
'हसरत' की भी क़ुबूल हो मथुरा में हाज़िरी सुनते हैं आशिक़ों पे तुम्हारा करम है आज — Hasrat Mohani
इक नई क़िस्म तलाशी गई है फूलों की मेरी हसरत है उसे नाम तुम्हारा मिल जाए — Vishnu virat

'हस्र' शब्द एक अंत और एक शुरुआत दोनों का भार वहन करता है। अपने मूल अर्थ में, यह न्याय के दिन का संदर्भ देता है, जो एक समय है जब पुराने का नाश होता है और नए का उदय होता है। कविता में, यह किसी भी गहरे परिवर्तन या उथल-पुथल का प्रतीक बन जाता है, जहाँ पुराने को हटाकर नए के लिए जगह बनाई जाती है।

कवि 'हस्र' का उपयोग प्रलयंकारी परिवर्तन की छवि को उभारने के लिए करते हैं। इसका उपयोग अक्सर व्यक्तिगत या सामाजिक उथल-पुथल का वर्णन करने के लिए किया जाता है। यह शब्द विनाश और पुनर्जन्म के विषयों के साथ गूंजता है, जो अस्तित्व की चक्रीय प्रकृति को पकड़ता है।

कविता में, 'हस्र' जीवन के अनिवार्य चक्रों के लिए एक शक्तिशाली रूपक के रूप में कार्य करता है। यह हमें याद दिलाता है कि हर अंत के साथ एक नई शुरुआत का वादा आता है।