Meaning of

हिकायत

hikaayat • مقسوم

कहानी; कथा; किस्सा

story; tale; anecdote

کہانی; قصہ; حکایت

Arabic

तोहफ़ा, फूल, शिकायत, कुछ तो ले कर जा इश्क़ से मिलने ख़ाली हाथ नहीं जाते — Tanoj Dadhich
धूप तो धूप ही है इस की शिकायत कैसी अब की बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब — Nida Fazli
यहीं तक इस शिकायत को न समझो ख़ुदा तक जाएगा झगड़ा हमारा — Shariq Kaifi
कट गई उम्र हमारी ये शिकायत करते अपने जैसा कोई मिलता तो मुहब्बत करते — Abbas Qamar
कह के ये और कुछ कहा न गया कि मुझे आप से शिकायत है — Arzoo Lakhnavi
मैं कहाँ जाऊँ करूँँ किस से शिकायत उस की हर तरफ़ उस के तरफ़-दार नज़र आते हैं। — Zubair Ali Tabish
नींद उड़ जाएगी रातों को शिकायत होगी मैं न समझा था तुम्हें इतनी मोहब्बत होगी — Javed Kamal Rampuri
वो भी आख़िर तिरी ता'रीफ़ में ही ख़र्च हुआ मैं ने जो वक़्त निकाला था शिकायत के लिए — Azhar Nawaz
कहने देती नहीं कुछ मुँह से मोहब्बत मेरी लब पे रह जाती है आ आ के शिकायत मेरी — Dagh Dehlvi
गले से लगते ही जितने गिले थे भूल गए वगर्ना याद थीं हम को शिकायतें क्या क्या — Abdul Rahman Ehsaan Dehlavi

मूल रूप में 'हिकायत' का अर्थ एक कहानी या किस्सा है, जो अक्सर नैतिक या दार्शनिक अर्थों से भरा होता है। कविता में, यह गहरे सत्य का वाहक बन जाता है, जहाँ कहानी केवल घटनाओं का वर्णन नहीं होती, बल्कि मानव अनुभव और भावनाओं का प्रतिबिंब होती है।

कवि अक्सर 'हिकायत' का उपयोग छिपे हुए सत्य को प्रकट करने वाली कहानियों को बुनने के लिए करते हैं। यह जीवन की यात्रा का रूपक हो सकता है, भाग्य पर एक चिंतन, या समाज की अच्छाइयों और बुराइयों का दर्पण।

कविता के क्षेत्र में, 'हिकायत' केवल कहानी कहने से परे जाकर मानव स्थिति की गहन खोज बन जाती है।