Meaning of

हिज्र-ए-आलम

hijr-e-aalam • ہجر عالم

दुनिया से जुदाई; सार्वभौमिक जुदाई

separation of the world; universal separation

دنیا سے جدائی; عالمگیر جدائی

Arabic

बड़ा ही ख़ुश्क है ये हिज्र-ए-आलम, ज़ख़ीरे दोनों अब कम पड़ रहे हैं यूँँ मुरझाने लगे ख़्वाबों के जंगल, मिरी आँखों से पत्ते झड़ रहे हैं — Saurabh Mehta 'Alfaaz'

यह वाक्यांश दुनिया से अलग होने की गहरी भावना को व्यक्त करता है, जो व्यक्तिगत और सार्वभौमिक दोनों है। कविता में, यह तड़प और प्रिय से दूर होने के दर्द को पकड़ता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग अस्तित्वगत तड़प और मानव स्थिति की खोज के लिए करते हैं। यह प्रेमियों के बीच भावनात्मक दूरी या दिव्य से आध्यात्मिक अलगाव का प्रतीक हो सकता है।

'हिज्र-ए-आलम' अपनी गहराइयों में तड़प और जुदाई के सार्वभौमिक मानव अनुभव को व्यक्त करता है।