Meaning of

हुक्म-ए-सफ़र

hukm-e-safar • حکم سفر

यात्रा का आदेश; सफर का हुक्म

command of journey; order to travel

سفر کا حکم; سفر کا فرمان

Persian

बाग़-ए-बहिश्त से मुझे हुक्म-ए-सफ़र दिया था क्यूँँ कार-ए-जहाँ दराज़ है अब मिरा इंतिज़ार कर — Allama Iqbal

'हुक्म-ए-सफ़र' मूल रूप से यात्रा पर निकलने के आदेश को दर्शाता है। काव्यात्मक संदर्भों में, यह अक्सर जीवन के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक होता है, जो अनिश्चितता और रोमांच से भरा होता है।

कवि 'हुक्म-ए-सफ़र' का उपयोग रोमांच के आह्वान या परिवर्तन की अनिवार्यता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आत्म-खोज की आंतरिक यात्रा को भी प्रतिबिंबित कर सकता है।

कविता में, 'हुक्म-ए-सफ़र' जीवन की निरंतर गति और अज्ञात को गले लगाने के साहस का सार पकड़ता है।