Meaning of

हैरत-ज़दा

hairat-zada • حیرت زدہ

चकित; हैरान

astonished; bewildered

حیران; ششدر

Persian

सो तुम मुझे हैरत-ज़दा आँखों से न देखो कुछ लोग सँभल जाते हैं सब मर नहीं जाते — Danish Naqvi
हैरत-ज़दा हूँ बारहा ज़ख़्मों को देख कर शायद न भूल पाऊँ दिसम्बर को उम्र भर — shampa andaliib
शजर को देख के हैरत ज़दा हुई दुनिया शजर जो घर से शजर की तलाश में निकला — Shajar Abbas
भँवर ये देख कर हैरत ज़दा है किनारा कश्तियों को खा रहा है — Shakir Dehlvi
इन्ही हैरत-ज़दा आँखों से देखे हैं वो आँसू भी जो अक्सर धूप में मेहनत की पेशानी से ढलते हैं — Jameel Mazhari

‘हैरत-ज़दा’ शब्द उस क्षण को दर्शाता है जब मन किसी अप्रत्याशित या असाधारण चीज़ से अभिभूत हो जाता है। कविता में, यह शब्द मानव भावनाओं की गहराई को छूता है, जहाँ आश्चर्य आत्मनिरीक्षण या गहन अनुभूति की ओर ले जा सकता है।

कवि अक्सर ‘हैरत-ज़दा’ का उपयोग उन पात्रों या कथावाचकों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो अलौकिक या अव्याख्येय का सामना करते हैं। यह एक ऐसे क्षण की सुंदरता को व्यक्त कर सकता है जो तर्क से परे हो या प्रेम और हानि की प्रबलता को दर्शा सकता है।

कविता में, ‘हैरत-ज़दा’ आश्चर्य की भूलभुलैया में आत्मा की यात्रा का प्रतिबिंब बन जाता है। यह विस्मय के प्रति मानव क्षमता का प्रमाण है।