Meaning of

ख़लल

khalal • خلل

विघ्न; अव्यवस्था; दोष

disturbance; disorder; flaw

خلل; بے ترتیبی; نقص

Arabic

रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है — Rahat Indori
बुलबुल के कारोबार पे हैं ख़ंदा-हा-ए-गुल कहते हैं जिस को इश्क़ ख़लल है दिमाग़ का — Mirza Ghalib
ज़ाहिद तेरे ख़याल में किस ने ख़लल है दी बाक़ी रहा ये दिल में कही बस मलाल है — Kashif Hussain Kashif
यूँँ तो ख़ामोश हूँ पर बात मैं भी करता हूँ मैं समुंदर हूँ ख़लल वक़्त पे ही करता हूँ — Sanjay Bhat
उस की याद आई है साँसों ज़रा आहिस्ता चलो धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है — Rahat Indori
इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े — Kaifi Azmi
बगल हट कर ज़रा दिल से निकल जा रौनक उसे तू बोलने दे बे-ख़लल जा रौनक — Raunak Karn
पड़ने लगा था एक ख़लल सा उड़ान में रस्ते से आसमान हटना पड़ा मुझे — Tariq Naeem

खलल विघटन या अपूर्णता की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर एक अंतर्निहित दोष की ओर इशारा करता है। कविता में, यह मानव आत्मा के भीतर के अराजकता या जीवन की अपूर्णताओं का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

कवि अक्सर खलल का उपयोग आंतरिक उथल-पुथल या अस्तित्वगत संदेह के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह व्यवस्था और अराजकता के बीच तनाव को उजागर कर सकता है।

खलल जीवन की अपूर्णताओं का सार पकड़ता है। यह अराजकता के भीतर पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।