Meaning of

ख़िदमत

khidmat • خدمت

सेवा; कर्तव्य

service; duty

خدمت; فرض

Arabic

ये सोच के माँ बाप की ख़िदमत में लगा हूँ इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा — Munawwar Rana
एक के घर की ख़िदमत की और एक के दिल से मोहब्बत की दोनों फ़र्ज़ निभा कर उस ने सारी उम्र इबादत की — Zehra Nigaah
अदब ता'लीम का जौहर है ज़ेवर है जवानी का वही शागिर्द हैं जो ख़िदमत-ए-उस्ताद करते हैं — Chakbast Brij Narayan
तेरी ख़िदमत में लग गए जब से दोस्त सारे ग़ुलाम कहते हैं — Afzal Sultanpuri
वही शागिर्द फिर हो जाते हैं उस्ताद ऐ 'जौहर' जो अपने जान-ओ-दिल से ख़िदमत-ए-उस्ताद करते हैं — Lala Madhav Ram Jauhar
महरूम हूँ मैं ख़िदमत-ए-उस्ताद से 'मुनीर' कलकत्ता मुझ को गोर से भी तंग हो गया — Muneer Shikohabadi
माँ की करते हुए ख़िदमत मुझे आ जाए क़ज़ा ऐ ख़ुदा एक ये बेटे की दुआ है तुझ सेे — ''Akbar Rizvi"
इश्क़ में ख़िदमत-गुज़ारी की मिसालें ढूँढ़ते हो जब भी ग़लती वो करे हैं माँगता माफ़ी मैं ही हूँ — arjun chamoli
दिल की ज़मीन भी मेरी बंजर पड़ी है अब तेरे लगाए ज़ख़्मों की ख़िदमत न हो सकी — Miyan Umar

'ख़िदमत' शब्द समर्पण और निःस्वार्थता की भावना को समेटे हुए है। कविता में, यह अक्सर दूसरों की सेवा करने के महान कार्य को दर्शाता है, जो व्यक्तिगत इच्छाओं से परे होता है।

कवि 'ख़िदमत' का उपयोग वफादारी और बलिदान के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह किसी प्रिय या उद्देश्य की सेवा में पाई जाने वाली मौन शक्ति को चित्रित कर सकता है।

अपनी मौन गरिमा में, 'ख़िदमत' निःस्वार्थ कार्यों की गहन सुंदरता की बात करता है।