Meaning of

ख़ुशामद

khushamad • خوشامد

चापलूसी; खुशामद

flattery; sycophancy

خوشامد; چاپلوسی

Persian

ज़रा रूठ जाने पे इतनी ख़ुशामद 'क़मर' तुम बिगाड़ोगे आदत किसी की — Qamar Jalalvi
कि उस मग़रूर चंदा की ख़ुशामद से तो अच्छा है मैं घर की खिड़कियों को आप की तस्वीर से ढक लूँ — Nityanand Vajpayee
ख़ुशामद के हिसारों से नहीं निकले सियासी लोग नारों से नहीं निकले — Saarthi Baidyanath
ये सर्दी जान लेलेगी दिसंबर में ख़ुशामद कर के सूरज को बुलालो अब — Meem Alif Shaz
सारे सुर उस की ख़ुशामद में लगे हैं देखिए तो आज उस ने पैरों में पाज़ेब जो पहनी हुई है — Harsh saxena
जो बिन माँगे मिल जाए वो है मुहब्बत ख़ुशामद करोगे तो ख़ैरात होगी — Hameed Sarwar Bahraichi
भंवरे किया करते थे दिन रात खुशामद मेरी जब मैं फूलों का कारोबार किया करता था — Rajnish
पास मेरे बैठ जा, कर एक दो शिकवे कभी तो मैं ख़ुशामद कर के अब तुझ को मनाना चाहता हूँ — Meem Alif Shaz

मूल रूप से, 'ख़ुशामद' अत्यधिक प्रशंसा को दर्शाता है, जो अक्सर असत्य होती है, और अनुग्रह प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाती है। कविता में, यह मानव स्वभाव की दोहरीता को दर्शाता है, वे मुखौटे जिन्हें हम सामाजिक परिदृश्यों में नेविगेट करने के लिए पहनते हैं।

कवि अक्सर 'ख़ुशामद' का उपयोग सामाजिक मानदंडों की आलोचना करने या प्रामाणिकता और धोखे के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह मानव स्थिति का दर्पण बनता है, जो भेद्यता और चतुराई दोनों को दर्शाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ख़ुशामद' ईमानदारी और दिखावे के जटिल नृत्य को उजागर करता है। यह हमें असली और नकली के बीच अंतर करने की चुनौती देता है।