Meaning of

आब-ए-ख़जालत

aab-e-khajaalat • آب خجالت

शर्म का पानी; लज्जा के आँसू

water of shame; tears of embarrassment

شرم کا پانی; شرمندگی کے آنسو

Persian

'आब-ए-ख़जालत' गहरी शर्मिंदगी या लज्जा का सार पकड़ता है, जिसे अक्सर आँसुओं के रूप में देखा जाता है। यह भेद्यता और उजागर होने की मानवीय स्थिति की मार्मिक भावना को व्यक्त करता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग चरित्र की शर्म की भावनात्मक गहराई को उभारने के लिए करते हैं। यह पछतावे, खेद या मानवीय दुर्बलता की दर्दनाक सुंदरता के क्षणों को उजागर कर सकता है।

'आब-ए-ख़जालत' अपनी काव्यात्मक प्रतिध्वनि में शर्म के सार्वभौमिक अनुभव और आँसुओं की मौन वाक्पटुता को व्यक्त करता है।