Meaning of

आह-ए-शरर-बार

aah-e-sharar-baar • آہ شرر بار

चिंगारियों से भरी आह; अग्निमय आह

sigh filled with sparks; fiery sigh

چنگاریوں سے بھری آہ; آتشیں آہ

Persian

आह-ए-शरर-बार एक ऐसी आह की छवि प्रस्तुत करता है जो इतनी तीव्र है कि मानो चिंगारियाँ छोड़ रही हो। कविता में, यह गहरे भावनात्मक उथल-पुथल का प्रतीक है, जहाँ हृदय का दर्द इतना गहरा होता है कि वह अग्निमय श्वास के रूप में प्रकट होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग तीव्र दुःख या जुनून को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो अप्राप्त प्रेम, लालसा और इच्छा की भस्म करने वाली प्रकृति के विषयों का अन्वेषण करते हैं।

आह-ए-शरर-बार गहरे भावनात्मक दर्द के अग्निमय सार को पकड़ता है, एक शक्तिशाली छवि जो कविता के हृदय में गूंजती है।