Meaning of

आह-ओ-फ़ुग़ान-ए-नीम-शब

aah-o-fughaan-e-neem-shab • آہ و فغاں نیم شب

मध्यरात्रि की विलाप; रात की पुकार

midnight lament; cries of the night

نیم شب کی فریاد; رات کی پکار

Persian

यह वाक्यांश उस दुःखद ध्वनि को दर्शाता है जो रात को भर देती है। यह एकांत और आत्मनिरीक्षण की बात करता है जो अक्सर सबसे अंधेरे घंटों के साथ होता है, जहाँ भावनाएँ स्पष्ट होती हैं।

कवि अक्सर इसका उपयोग गहरे, व्यक्तिगत दुःख को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो एकांत में उभरता है। यह दिन के शोर के विपरीत होता है, रात की आत्मनिरीक्षण प्रकृति को उजागर करता है।

आह-ओ-फ़ुग़ान-ए-नीम-शब आत्मा की शांत पुकारों को पकड़ता है, जो रात की स्थिरता में गूंजती हैं।