Meaning of

आशोब-ए-जहाँ

aashob-e-jahaan • آشوب جہاں

दुनिया की उथल-पुथल; अस्तित्व का अराजकता

turmoil of the world; chaos of existence

دنیا کی ہلچل; وجود کا انتشار

Persian

आशोब-ए-जहाँ दुनिया की अशांत प्रकृति को दर्शाता है, जहाँ अराजकता और अव्यवस्था का राज होता है। कविता में, यह शब्द अस्तित्व के संघर्षों और मानवता द्वारा झेले जाने वाले निरंतर चुनौतियों का सार पकड़ता है।

कवि अक्सर आशोब-ए-जहाँ का उपयोग आंतरिक और बाहरी अराजकता को दर्शाने के लिए करते हैं जो मानव भावनाओं का प्रतिबिंब होता है। यह व्यक्तिगत और सामूहिक उथल-पुथल के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है, जो जीवन की अप्रत्याशित प्रकृति को दर्शाता है।

आशोब-ए-जहाँ जीवन की अप्रत्याशितता और अराजकता और व्यवस्था के निरंतर नृत्य का सार पकड़ता है।