Meaning of

आशोब-ए-क़यामत

aashob-e-qayaamat • آشوب قیامت

प्रलय का अशांति; अंत समय का अराजकता

turmoil of the apocalypse; chaos of the end times

قیامت کا آشوب; آخری وقت کا انتشار

Persian

'आशोब-ए-क़यामत' वाक्यांश उस अराजकता और उथल-पुथल को पकड़ता है जो समय के अंत से जुड़ी होती है। कविता में, यह अक्सर व्यक्तिगत या सामाजिक पतन के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है, जो ऐसे क्षणों के साथ आने वाली उथल-पुथल भावनाओं और अस्तित्वगत भय को दर्शाता है।

कवि 'आशोब-ए-क़यामत' का उपयोग प्रलयंकारी घटनाओं के भय और अनिश्चितता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आंतरिक अशांति या सामाजिक अशांति का प्रतीक हो सकता है। अक्सर शांति या स्थिरता के विपरीत होता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'आशोब-ए-क़यामत' जीवन की नाजुकता और अप्रत्याशितता की एक शक्तिशाली याद दिलाता है।