Meaning of

आतिश-ए-ज़ख़्म

aatish-e-zakhm • آتش زخم

घाव की आग; जलन भरी पीड़ा

fire of the wound; burning pain

زخم کی آگ; جلتی ہوئی تکلیف

Persian

‘आतिश-ए-ज़ख़्म’ गहरे घावों के साथ आने वाली जलती हुई पीड़ा और भावनात्मक उथल-पुथल को जीवंत रूप से दर्शाता है। यह पीड़ा की तीव्रता और दुःख की भस्मकारी प्रकृति की बात करता है।

कवि अक्सर 'आतिश-ए-ज़ख़्म' का उपयोग दुःख की भस्मकारी प्रकृति और दिल के दर्द की निरंतर जलन को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह हानि और पीड़ा के स्थायी प्रभाव के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'आतिश-ए-ज़ख़्म' स्थायी पीड़ा के प्रतीक के रूप में उज्ज्वल रूप से जलता है।