Meaning of

अभरो

abhro • ابر

बादल; आकाश; वातावरण

cloud; sky; atmosphere

بادل; آسمان; ماحول

Sanskrit

ऊँचे नीचे घर थे बस्ती में बहुत
ज़लज़ले ने सब बराबर कर दिए

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अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे
दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला

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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया
बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता

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हम ने पर्चे आँसुओं से भर दिए
और तुम ने इतने कम नंबर दिए

ऊंचे नीचे घर थे बस्ती में बहुत
जलजले ने सब बराबर कर दिए

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चाँद ने ओढ़ ली है चादर-ए-अब्र
अब वो कपड़े बदल रही होगी

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तुम्हारा दिल मेरे दिल के बराबर हो नहीं सकता
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता

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उस की जानिब से भी चाहा है बराबर ख़ुद को
मैं ने इक-तरफ़ा मुहब्बत तो कभी की ही नहीं

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सफ़र हालाँकि तेरे साथ अच्छा चल रहा है
बराबर से मगर एक और रास्ता चल रहा है

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ये मज़ा था दिल-लगी का कि बराबर आग लगती
न तुझे क़रार होता न मुझे क़रार होता

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समझ के आग लगाना हमारे घर में तुम
हमारे घर के बराबर तुम्हारा भी घर है

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ऊँचे नीचे घर थे बस्ती में बहुत
ज़लज़ले ने सब बराबर कर दिए

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अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे
दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला

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'अभरो' शब्द आकाश की विशालता और रहस्य को जगाता है, जो सपनों और आकांक्षाओं का कैनवास है। कविता में, यह अक्सर जीवन की क्षणभंगुरता का प्रतीक होता है, जैसे बादल जो रूप बदलते रहते हैं।

कवि 'अभरो' का उपयोग प्रकृति की क्षणिक सुंदरता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर पृथ्वी की स्थायित्व के विपरीत रखा जाता है। यह शब्द एक प्रकार की लालसा या उदासी की भावना जगा सकता है, जैसे बादल दूर चले जाते हैं, एक साफ आकाश छोड़ते हुए।

'अभरो' अपनी मूल भावना में आकाश की क्षणभंगुर सुंदरता को पकड़ता है, अस्तित्व की सदैव बदलती प्रकृति की याद दिलाता है।