Meaning of

अहद-ए-बहार-ओ-ख़िज़ाँ

ahad-e-bahaar-o-khizaan • عہد بہار و خزاں

वसंत और पतझड़ का युग; परिवर्तन का समय

era of spring and autumn; time of change

عہد بہار و خزاں; تبدیلی کا وقت

Persian

यह वाक्यांश जीवन की चक्रीय प्रकृति को पकड़ता है, जहां विकास और पतन की अवधियाँ एक-दूसरे का अनुसरण करती हैं। यह ऋतुओं की क्षणभंगुर सुंदरता और समय के अनिवार्य प्रवाह को जागृत करता है, अक्सर खुशी और दुख की द्वैतता पर विचार करता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग परिवर्तन और रूपांतरण के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह जीवन में अनिवार्य परिवर्तनों का प्रतीक हो सकता है, वसंत की जीवंतता को पतझड़ की उदासी के साथ विपरीत करता है।

ऋतुओं के नृत्य में, 'अहद-ए-बहार-ओ-ख़िज़ाँ' हमें जीवन की सदैव बदलती हुई बुनावट की याद दिलाता है।