Meaning of
अहल-ए-जुर्म
ahl-e-jurm • اہل جرم
Hindi
अपराधी; अपराध करने वाले लोग
English
people of crime; criminals
Urdu
مجرم; جرم کرنے والے لوگ
Origin
Arabic
Nuance
'अहल-ए-जुर्म' उन लोगों की छवि प्रस्तुत करता है जो समाज की परछाइयों में रहते हैं, ऐसे कार्यों में लिप्त होते हैं जो नैतिक ताने-बाने को चुनौती देते हैं। कविता में, यह अक्सर मानव स्वभाव के अंधेरे पहलुओं, छिपे हुए पापों और समाज के बहिष्कृतों का प्रतीक होता है।
Poetic Usage
कवि 'अहल-ए-जुर्म' का उपयोग अपराधबोध और मुक्ति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह समाज की खामियों का आईना बनता है। यह शब्द मासूमियत के विपरीत है, पाप से मुक्ति की यात्रा को उजागर करता है।
Closing Insight
'अहल-ए-जुर्म' अपनी काव्यात्मक सार में मानव स्थिति पर एक चिंतन है, प्रकाश के साथ चलने वाली परछाइयों की याद दिलाता है।