Meaning of

ऐश-ए-जहाँ

aish-e-jahaan • عیش جہاں

सांसारिक सुख; दुनिया की खुशियाँ

worldly pleasures; joys of the world

دنیاوی خوشیاں; دنیا کی مسرتیں

Persian

'ऐश-ए-जहाँ' भोग और दुनिया में मिलने वाली क्षणिक खुशियों की छवियाँ प्रस्तुत करता है। मूल रूप से, यह जीवन द्वारा प्रदान किए गए सुखों और आनंदों को संदर्भित करता है। कविता में, यह अक्सर इन खुशियों की क्षणभंगुर प्रकृति की याद दिलाता है, उन्हें शाश्वत और आध्यात्मिक के विपरीत रखता है।

कवि 'ऐश-ए-जहाँ' का उपयोग भौतिकवाद और खुशी की क्षणभंगुर प्रकृति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह सांसारिक इच्छाओं और आध्यात्मिक पूर्ति के बीच के अंतर को उजागर कर सकता है। यह वाक्यांश अक्सर भौतिक से परे कुछ की लालसा को जागृत करता है।

जीवन के नृत्य में, 'ऐश-ए-जहाँ' हमें वर्तमान का आनंद लेने और शाश्वत की खोज के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।