Meaning of

अजल

ajal • اجل

मृत्यु; अंत; भाग्य

death; end; fate

موت; انجام; تقدیر

Arabic

वो उजला हो कि मैला हो या महँगा हो कि सस्ता हो
ये माँ का सर है इस पर हर दुपट्टा मुस्कुराता है

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तुम ने जब से अपनी पलकों पर रक्खा
कालिख़ को सब काजल काजल कहते हैं
इश्क़ में पागल ही तो होना होता है
पागल हैं जो मुझ को पागल कहते हैं

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जब से उस ने नम आँखों में काजल पहना है
उस राधा प्यारी ने मुझ को मोहन कहना है

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खींची जो उस ने आँख में काजल की इक लकीर
मैं ने भी अपने सीने पे इक हाथ रख लिया

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तुम्हारे अंदर छुपी हुई इक हसीन लड़की
ज़रा से काजल ज़रा सी लाली से मिल गई है

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तुम ने जब से अपनी पलकों पर रक्खा
कालिख़ को सब काजल काजल कहते हैं

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जो तुम बैठा लो आँखों में
मैं बैठूँ फिर काजल बनके

साड़ी सा पहनो मुझ को तुम
तब लहरूँ मैं आँचल बनके

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आँखों से आँसू चल निकले
पन्नों पर फिर काजल बिखरे

सारे के सारे ज्ञानी थे
बस हम ही थे पागल निकले

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पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है
फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह

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अजल से ले कर अब तक औरतों को
सिवाए जिस्म क्या समझा गया है

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वो उजला हो कि मैला हो या महँगा हो कि सस्ता हो
ये माँ का सर है इस पर हर दुपट्टा मुस्कुराता है

31

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तुम ने जब से अपनी पलकों पर रक्खा
कालिख़ को सब काजल काजल कहते हैं
इश्क़ में पागल ही तो होना होता है
पागल हैं जो मुझ को पागल कहते हैं

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'अजल' का अर्थ अपरिहार्य अंत है, जो अक्सर मृत्यु से जुड़ा होता है। कविता में, इसका उपयोग मृत्यु और जीवन की क्षणभंगुरता के विषयों को खोजने के लिए किया जाता है, जो स्वीकृति और चिंतन की भावना को जागृत करता है।

कवि 'अजल' का उपयोग मृत्यु की निश्चितता और जीवन के क्षणभंगुर क्षणों पर ध्यान करने के लिए करते हैं। यह अक्सर आशा और पुनर्जन्म के विषयों के विपरीत होता है, जो अस्तित्व पर एक मार्मिक चिंतन पैदा करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'अजल' जीवन की अस्थिरता की याद दिलाता है, प्रत्येक क्षण की गहरी सराहना करने का आग्रह करता है।