Meaning of

अंतस

antas • انتس

अंतरात्मा; मूल; सार

inner self; core; essence

باطن; جوہر; لب لباب

Sanskrit

अंतस व्यक्ति के भीतर की गहराईयों को दर्शाता है, वह मौन केंद्र जो अस्तित्व का सार संजोए हुए है। कविता में, यह भावनाओं और विचारों का स्रोत है, भीतर की दुनिया का मूक साक्षी।

कवि अक्सर अंतस में डूबकर आत्मनिरीक्षण और आत्म-खोज के विषयों की खोज करते हैं। यह वह शांत आवाज़ है जो एकांत में बोलती है, आत्मा की यात्रा को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण।

अंतस कविता का मौन हृदय है, जहाँ आत्मा की फुसफुसाहटें अपनी आवाज़ पाती हैं।