Meaning of

अक़्श

aqsh • عکس

प्रतिबिंब; छवि

reflection; image

عکس; تصویر

Arabic

दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया
समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया

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नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान
कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान

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नक़्शा उठा के कोई नया शहर ढूँढ़िए
इस शहर में तो सब से मुलाक़ात हो गई

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वक़्त देता था वो मिलने का तभी रक्खी थी
दोस्त इक दौर था मैं ने भी घड़ी रक्खी थी

रास्ता ख़त्म मकानों के तजावुज़ से हुआ
मैं ने जब नक़्शा बनाया था गली रक्खी थी

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रात भर उन का तसव्वुर दिल को तड़पाता रहा
एक नक़्शा सामने आता रहा जाता रहा

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मुँह लगाते ही होंठ पर तेरे
पड़ गया नक़्श लाल बोसे का

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पहले दिल से नक़्श मिटाये जाते हैं
मेज़ से फिर तस्वीर हटा दी जाती है

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इश्क़ का ए'जाज़ सज्दों में निहाँ रखता हूँ मैं
नक़्श-ए-पा होती है पेशानी जहाँ रखता हूँ मैं

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फूलों की सेज पर ज़रा आराम क्या किया
उस गुल-बदन पे नक़्श उठ आए गुलाब के

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दीवार-ओ-दर पे 'कृष्णा' की लीला के नक़्श है
मंदिर है ये तो 'कृष्ण' के दरबार की तरह

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दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया
समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया

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नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान
कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान

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'अक़्श' शब्द एक दर्पण छवि का सुझाव देता है, एक प्रतिबिंब जो शाब्दिक और रूपक दोनों है। कविता में, यह अक्सर अस्तित्व की द्वैतता, देखे और अनदेखे, वास्तविक और कल्पित का प्रतीक होता है।

कवि 'अक़्श' का उपयोग पहचान और धारणा के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो वास्तविकता की प्रकृति में गहराई से जाता है, यह पूछते हुए कि क्या सच है और क्या केवल एक छाया है।

कविता के क्षेत्र में, 'अक़्श' हमें आत्म और दुनिया के रहस्यों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है। यह प्रकाश और छाया का नृत्य है, समझ की खोज।