Meaning of

अर्श-ए-इलाही

arsh-e-ilaahi • عرش الہی

दैवीय सिंहासन; स्वर्गीय आसन

divine throne; celestial seat

الہی تخت; آسمانی نشست

Arabic

अर्श-ए-इलाही दिव्य क्षेत्र की भव्यता और महिमा को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर परम अधिकार और दिव्य उपस्थिति की उदात्त प्रकृति का प्रतीक होता है।

कवि इसका उपयोग दिव्य शक्ति और महिमा के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सांसारिक चिंताओं के विपरीत होता है, शाश्वत और पवित्र को उजागर करता है।

अर्श-ए-इलाही दिव्य की शाश्वत महिमा का प्रमाण है, स्वर्गीय के लिए एक काव्यात्मक पुल।