Meaning of
अज़ाब-ए-दर-बदरी
azaab-e-dar-badri • عذاب در بدری
Hindi
भटकने का कष्ट; विस्थापन का दुख
English
torment of wandering; suffering of displacement
Urdu
بھٹکنے کا عذاب; بے دخلی کا دکھ
Origin
Persian
Nuance
'अज़ाब-ए-दर-बदरी' वाक्यांश उस गहरे दुख और पीड़ा को पकड़ता है जो जड़ से उखाड़े जाने और बिना घर के भटकने के साथ जुड़ा होता है। कविता में, यह अक्सर अस्तित्वगत दर्द को दर्शाता है जो एक ऐसी दुनिया में पहचान और संबंध की खोज से जुड़ा होता है जो पराई लगती है।
Poetic Usage
कवि 'अज़ाब-ए-दर-बदरी' का उपयोग निर्वासन के दर्द और खोए हुए वतन की लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह शांति की खोज में आत्मा के आंतरिक संघर्ष का भी प्रतीक हो सकता है।
Closing Insight
लालसा की पंक्तियों में, 'अज़ाब-ए-दर-बदरी' दिल की घर की अनंत खोज को प्रतिध्वनित करता है।